हरिद्वार 15 जून, 2026 ।केंद्र की भाजपा सरकार के “12 वर्ष: विकास, विश्वास और जनकल्याण के” दावों पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। हरिद्वार में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने सरकार के कार्यकाल को ‘झूठ का पुलिंदा’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है, जनता महंगाई से त्रस्त है और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोम त्यागी, मनोज सैनी, राजबीर चौहान, रवीश भटीजा, मनोज जाटव, समर्थ अग्रवाल, मोहन राणा, सार्थक ठाकुर, सागर बेनीवाल और विशाल प्रधान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

आलोक शर्मा ने देश की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण देश पर पांच गुना कर्ज बढ़ गया है। उन्होंने कहा:
”मनमोहन सरकार के समय जो अर्थव्यवस्था पांचवें स्थान पर थी, वह आज खिसककर छठे स्थान पर पहुंच गई है। अर्थव्यवस्था का पूरी तरह से ‘अडानीकरण’ कर दिया गया है। नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोग देश का करोड़ों रुपया लूटकर फरार हो गए, लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी रही।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने उत्तराखंड के संदर्भ में भी सवाल दागा और पूछा कि सरकार बताए कि उसने पिछले सालों में उत्तराखंड से होने वाले पलायन को रोकने के लिए क्या कदम उठाए? उन्होंने आरोप लगाया कि 50 से अधिक पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों को कौड़ियों के दाम पसंदीदा उद्योगपतियों को बेच दिया गया।’
विदेशी मामलों पर केंद्र को घेरते हुए आलोक शर्मा ने कहा कि आज देश की विदेश नीति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। चीन लगातार भारतीय सीमाओं पर अतिक्रमण कर रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से उसे ‘क्लीन चिट’ दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन से आयात (इंपोर्ट) 11 गुना बढ़ गया है, जो ‘मेक इन इंडिया’ के दावों की पोल खोलता है।
तीन भारतीय नागरिकों की मौत के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि सरकार अमेरिका के सामने मजबूती से स्टैंड लेने और सवाल पूछने में भी हिचक रही है। उन्होंने तंज कसा कि 125 देशों की यात्राओं के बाद भी अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भारत को वह समर्थन नहीं मिल रहा, जिसका दावा किया जाता है।
पेपर लीक, रोजगार और राम मंदिर चढ़ावे पर गंभीर आरोप
सामाजिक मुद्दों पर बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने पेपर लीक कांड को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश में जितने भी बड़े एग्जाम हो रहे हैं, उनके पेपर लीक हो रहे हैं क्योंकि पूरी प्रक्रिया में चहेतों को बिठाया गया है। सरकार स्किल डेवलपमेंट का मात्र 6 प्रतिशत पैसा ही खर्च कर पाई है, जिससे युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है।
राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए आलोक शर्मा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले चंदे को लेकर सवाल उठे थे और अब मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर के मुख्य संरक्षक चंपत राय पर लगे चढ़ावे की चोरी के आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता के समापन पर आलोक शर्मा ने कहा कि देश केवल चुनावी ध्रुवीकरण या ‘हिंदू-मुस्लिम’ करने से नहीं आगे बढ़ता। देश को मजबूत बनाने के लिए एक सुदृढ़ अर्थव्यवस्था, सामाजिक समरसता, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और एक मजबूत विदेश नीति की जरूरत होती है, जिसमें मौजूदा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
