नीलम सैनी
हरिद्वार। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने में भले ही अभी वक्त हो, लेकिन हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक बिसात बिछनी शुरू हो गई है। भाजपा किसान मोर्चा के जिला मंत्री और युवा चेहरे शिवा चौहान ने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता को धार देते हुए हरिद्वार ग्रामीण सीट से खुलकर अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इसी सिलसिले में रानीमाजरा गांव में आयोजित एक विशाल बैठक में उमड़े जनसैलाब ने क्षेत्र की सियासत में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।

बैठक के दौरान युवा नेता शिवा चौहान ने ग्रामीणों की बुनियादी और ज्वलंत समस्याओं को बेहद संजीदगी से सुना। उन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए वे जल्द ही उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद करेंगे। चौहान ने दो टूक शब्दों में कहा, “जनसेवा और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास मेरी राजनीति का मूलमंत्र है। जनता के सुख-दुख में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है और रहेगी।”
शिवा चौहान ने शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अपनी मजबूत दावेदारी रखते हुए कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी उन पर भरोसा जताते हुए हरिद्वार ग्रामीण से प्रत्याशी बनाती है, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी नीतियों व विकासपरक योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करेंगे। उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए:
- सड़क एवं परिवहन व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
- किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन
- जैसे मुद्दों को अपना मुख्य चुनावी एजेंडा बताया।
- ’स्थानीय उम्मीदवार’ के पक्ष में लामबंद हुए ग्रामीण
वहीं, बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने इस बार ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ के मुद्दे को हवा देते हुए साफ किया कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किसी ऐसे जमीन से जुड़े व्यक्ति को मिलना चाहिए, जो चौबीसों घंटे जनता के बीच सुलभ हो। ग्रामीणों ने एक सुर में शिवा चौहान को क्षेत्र का सबसे ऊर्जावान, संघर्षशील और जमीनी चेहरा करार देते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बार युवा नेतृत्व पर दांव लगाती है, तो पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिलना तय है।
राजनीतिक पंडितों की मानें तो हरिद्वार ग्रामीण सीट पर अभी से चुनावी बिसात बिछने लगी है। वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस की अनुपमा रावत का कब्जा है, जबकि भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद भी लगातार क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में युवा नेता शिवा चौहान की इस धमाकेदार एंट्री ने भाजपा के भीतर आंतरिक प्रतिस्पर्धा और सियासी सरगर्मियों को चरम पर पहुंचा दिया है।
अब यह तो वक्त ही बताएगा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आगामी चुनाव में किस चेहरे पर दांव लगाता है, लेकिन फिलहाल शिवा चौहान ने अपनी आक्रामक कार्यशैली और सघन जनसंपर्क के जरिए विरोधियों के खेमे में खलबली जरूर मचा दी है।
